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खेल-संसार

Prakriti

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ना कोई सच्चाई ना कोई भावनाएं।
        
                                                    
                            
बस खेल है ये संसार

एक-दूसरे को नीचा दिखाना
कंट्रोल करना।

झूठी भावनाएं रखकर जाल
बिछाना।

मत आना किसी की भावनाओं में
सब खेल है।

सबके लिए खिलौने हैं कठपुतली बनाना है।
हाथ कोई नहीं देगा, गिराने के लिए सब
बैठे हैं।
एक घंटा पहले
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