विज्ञापन

जो सारा जगत बनाता है

Prahlad Vishwakarma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो नभ गगन धरा को सजाता है,
        
                                                    
                            
जो सूरज चांद बनाता है....
जो तारों को चमकाता है.....
जो पुष्प पुंज महकाता है.......
जो चिड़ियों को चहकाता है।

जो सारा जगत बनाता है....
जिसने रची हमारी काया है
उस परम प्रभु को सदा मनाएं
हम नित्य प्रेम से शीश झुकाएं
अपना जीवन धन्य बनाएं ।।
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all