जो नभ गगन धरा को सजाता है,
जो सूरज चांद बनाता है....
जो तारों को चमकाता है.....
जो पुष्प पुंज महकाता है.......
जो चिड़ियों को चहकाता है।
जो सारा जगत बनाता है....
जिसने रची हमारी काया है
उस परम प्रभु को सदा मनाएं
हम नित्य प्रेम से शीश झुकाएं
अपना जीवन धन्य बनाएं ।।
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