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व्यक्तिगत योगदान भी

Pradeep Mukherjee

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मन में है भरा
        
                                                    
                            
गुस्सा बहुत
खासकर जेन जी
पीढ़ी के लिए
कहता हूं जब उनसे
कि रहूंगा नहीं मैं तो
देखने के लिए वह सब
जो आएगा सामने
लेकिन आप सब तो
झेलेंगे उसे
जवाब में व्यंग्य से
हैं कहते मुझसे
जेन जी के युवा
कि अंकल सोचते हैं
बहुत आप
खामख्वाह करते हैं
बहुत चिंता आप
जो है एकदम बेवज़ह
व्यक्तिगत रूप से
हमारा थोड़ा प्रदूषण
फ़ैलाने से
भला क्या पड़ जाएगा
फर्क
क्या उससे रुक पाएगा
जलवायु परिवर्तन?
जानते नहीं या शायद
जानना चाहते भी नहीं
ये युवा
कि थोड़ा-थोड़ा
व्यक्तिगत योगदान भी
'हो जाता है
बढ़ते-बढ़ते
बहुत बड़ा और गंभीर
एक दिन
इसलिए प्रदूषण को रोकने का
है ज़रूरी
हर व्यक्तिगत प्रयास
नहीं तो प्रदूषण
और जलवायु परिवर्तन
को रोल्ने की नहीं बचेगी
कोई भी आस।
एक महीने पहले
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