प्राप्ति के लिए
जिम्मेदारी और जवाबदेही ही
चाहे वह व्यक्तिगत हो
या सामूहिक
है बहुत ज़रूरी
बिना इनके
हो जाती है लक्ष्य प्राप्ति
बहुत कठिन
आती है जीवन में
सभी के साथ
संकट की घड़ियां
इन घड़ियों में
सामूहिक भावना से ही
टलते हैं संकट
और होते हैं काम पूरे
इन बातों को रखना
ध्यान में
है सभी के लिए ज़रूरी
तभी चल पाएगी सहो
सबकी
जीवन की धुरी।