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जीवन — एक सफ़र

prabhakar sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जीवन कोई ठहरा हुआ पल नहीं,
        
                                                    
                            
न कोई एक मुकाम है,
यह चलते रहने की कहानी है,
हर मोड़ पर नया आयाम है।

कभी धूप मिले, कभी छाँव मिले,
कभी राहों में तूफ़ान मिले,
कभी जीत सजाए माथे को,
कभी हार से नए अरमान मिले।

जो मिला, उसे मुस्कुराकर जीना,
जो छूटा, उसे जाने देना,
जो सपना आँखों में पलता है,
उसके लिए खुद को आज़माना।

गिरना कोई हार नहीं,
हार है गिरकर न उठ पाना,
ज़ख्मों को अपनी ताकत करना,
और अँधेरों में दीप जलाना।

रास्ते अगर कठिन हो जाएँ,
कदमों को फिर भी थमने मत देना,
हालात अगर बदलते रहें,
खुद को उनसे बिखरने मत देना।

समय की अपनी चाल है,
न यह रुकता, न लौटकर आता है,
जो आज है, वही सच है अपना,
कल बस एक सपना कहलाता है।

कल की चिंता में आज न खोना,
बीते कल को दिल में न ढोना,
जो पल हाथ में है, वही जीवन है,
इसे जीना है—बस जीते जाना है।

कुछ रिश्ते उम्रभर साथ चलेंगे,
कुछ मोड़ पर पीछे छूट जाएँगे,
कुछ चेहरे दिल में घर कर लेंगे,
कुछ यादों में ही रह जाएँगे।

हर मिलने वाला अपना नहीं,
हर बिछड़ने वाला पराया नहीं,
कुछ लोग सबक बनकर मिलते हैं,
कुछ रिश्तों का कोई साया नहीं।

जीवन का अर्थ सिर्फ़ जीतना नहीं,
हर हार में सीख तलाशना है,
चेहरे पर मुस्कान बनाए रखना,
और दिल में इंसान बचाए रखना है।

नाम कितना बड़ा हुआ—क्या फ़र्क,
अगर दिल किसी के काम न आया,
सफ़र कितना लंबा था—क्या फ़र्क,
अगर किसी का हाथ न थाम पाया।

पहचान पद से नहीं बनती,
पहचान कर्मों से बनती है,
दौलत साथ नहीं जाती,
बस नेकियाँ साथ चलती हैं।

इसलिए न रुकना, न झुकना,
बस अपने पथ पर चलते रहना,
गिरो तो उठना, थको तो ठहरना,
मगर सपनों से दूर न होना।

जीवन छोटा है—यह सच सही,
मगर इसे छोटा मत समझना,
हर साँस में कुछ अच्छा करना,
हर दिन को थोड़ा बेहतर करना।

जब अंतिम पड़ाव सामने आए,
तो दिल में कोई मलाल न हो,
पीछे मुड़कर जब जीवन देखें,
तो लगे—सफ़र कमाल का था,
और जीना सच में बेमिसाल था।
14 घंटे पहले
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