विज्ञापन

संस्कृति की नायिका मातृभाषा

Powari Bhasha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            संस्कृति की नायिका से।
        
                                                    
                            
संस्कृति की संवाहिका से।
मातृभाषा आमरी पोवारी,
समाज की अनमोल धरोहर से।।

संस्कृति को द्वार से।
भावनाओं को प्रवाह से।
मातृभाषा आमरी पोवारी,
समाज की अनमोल धरोहर से।।

आमरी पहचान से।
समाज की शान से।
मातृभाषा आमरी पोवारी,
समाज की अनमोल धरोहर से।।

हर शब्द येको मोती से।
सदियों पासून संगाती से।
मातृभाषा आमरी पोवारी,
समाज की अनमोल धरोहर से।।

हर शब्द येको चेतना से।
येको लक आमरी एकता से।
मातृभाषा आमरी पोवारी,
समाज की अनमोल धरोहर से।।

मातृभाषा गुणवान से।
येको वैभव मा सम्मान से।
मातृभाषा आमरी पोवारी,
समाज की अनमोल धरोहर से।।

-ओ सी पटले
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile