भ्रमित चेतना को कारण
समाज राह भटक जासे।
प्रबुद्ध चेतना को कारण,
समाज सही राह पर बढ़ जासे।।
मातृभाषा को प्रति प्रेम
प्रबुद्ध चेतना को प्रतीक से।
मातृभाषा को प्रेम को कारण,
समाज को अस्तित्व मजबूत होसे।।
संस्कृति को प्रति प्रेम
प्रबुद्ध चेतना को प्रतीक से।
संस्कृति को प्रेम को कारण,
समाज को अस्तित्व मजबूत होसे।।
निज धर्म को प्रति प्रेम
प्रबुद्ध चेतना को प्रतीक से।
धर्म को प्रति प्रेम को कारण,
समाज को अस्तित्व मजबूत होसे।।
इतिहास को प्रति प्रेम
प्रबुद्ध चेतना को प्रतीक से।
इतिहास को प्रति प्रेम को कारण,
समाज को अस्तित्व मजबूत होसे।।
भ्रमित चेतना लक मुक्ति मा
समाज को शाश्वत कल्याण से।
प्रबुद्ध चेतना विकसित करनो,
पोवारी क्रांति को बुनियादी कार्य से।।
चेतना ला भ्रमित करनो
समाज विरोधी षड़यंत्र से।
प्रबुद्ध चेतना जागृत करनो ,
सामाजिक संगठनों को मुख्य कार्य से।।
-ओ सी पटले