समुदाय साती पोवार नाव
पूर्वजों न् धारण करी होतीन।
स्वतंत्र नाव धारण करके,
स्वतंत्र पहचान बनाई होतीन।
विरासत की स्वर्णिम ध्वजा आम्हीं फड़कावबीन।।
मातृभाषा साती पोवारी नाव
पूर्वजों न् अपनाई होतीन।
पोवारी नाव अपनायके,
वोको पर गर्व करी होतीन।
विरासत की स्वर्णिम ध्वजा आम्हीं फड़कावबीन।।
पोवारी संस्कृति ला
पूर्वजों न् अपनाई होतीन।
सनातन संस्कृति अपनायके,
स्वस्थ परंपराएं जोड़ी होतीन।
विरासत की स्वर्णिम ध्वजा आम्हीं फड़कावबीन।।
सनातन हिन्दू धर्म ला
पूर्वजों न् धारण करी होतीन।
संकटों को सामना करके भी,
प्राचीन हिन्दू धर्म ला बचाई होतीन।
विरासत की स्वर्णिम ध्वजा आम्हीं फड़कावबीन।।
सजातीय विवाह ला
पूर्वजों न् जीवन धारण करी होतीन।
पूर्वजों न् सदियों वरी,
उत्तम जीवनशैली अपनायी होतीन।
विरासत की स्वर्णिम ध्वजा आम्हीं फड़कावबीन।।
छत्तीस कुल की बिरादरी ला
पूर्वजों न् खून को रिश्ता मा बांधी होतीन।
पूर्वजों न् छत्तीस कुल की,
एकता ला विधिवत आगे बढ़ाई होतीन।
विरासत की स्वर्णिम ध्वजा आम्हीं फड़कावबीन।।
आमरो पूर्वजों न्
भारतवर्ष मा आपलो एक इतिहास गढ़ीन।
येन् सुसंस्कृत इतिहास ला ,
आगे बढ़ावन साती आमरो हाथों मा सोपीन। विरासत की स्वर्णिम ध्वजा आम्हीं फड़कावबीन।।
समाज की पहचान मिटावन का
आता समाज मा षड़यंत्र शुरू सेती।
समाज को अस्तित्व बचावन,
अपनाया आम्हीं आता कृष्ण नीति।
विरासत की स्वर्णिम ध्वजा आम्हीं फड़कावबीन।।
-ओ सी पटले