यह काव्य मंजिल तक पहुंचने और उसके संघर्स को दिखती है ,
सपनो को दिखती हैं , परिश्रम को, साथी को,
आलोचना करने वालो को भी दिखती है।
मैं चाहती हूूूं लोग इसे पढ़े , उठे और आगे बढ़े
ये जानकर कि उन जैसे कई लोग हैं, वो इस रस्ते पे अकेले नहीं हैं।
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