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घोस्टिंग की चुप्पी

Pooja Rajvanshi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अचानक गायब हो गया, बिना एक अलविदा के,
        
                                                    
                            
चैट के मैसेज रुक गए, बस सन्नाटा छा गया।
कल तक की बातें, हंसी-मजाक का सिलसिला,
आज खामोशी का खेल, दिल पर चोट सा लग गया।
दर्दभरी अनदेखी
कॉल अनसुनी, मैसेज अनरीड रह गए।
उम्मीदों का धागा टूटा, अकेलापन घिर आया।
घोस्टिंग तूने की, पर जख्म तो मेरे रह गए।
ये कविता घोस्टिंग के उस दर्द को बयां करती है, जहां बिना वजह की चुप्पी रिश्तों को मार देती है।
4 महीने पहले
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