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माँ एक तू है और एक तेरी ममता दोनों का कोई मोल नहीं

Pooja Bhardwaj

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माँ एक तू है और एक तेरी ममता
        
                                                    
                            
दोनो का कोई मोल नही
तेरे प्यार को किन शब्दो में लिखूँ
तेरे से ज्यादा कुछ अनमोल नहीं।।

तू है तो रब है वरना वो भी नही
माँ तू है तो सब है वरना कोई भी नही
तेरी ममता को कैसे करूँ मै बयां
वो तो अनंत है जैसे खुला आसमां।।

माँ तुझे कैसे बताऊँ कितनी खुशी मिलती है
जब कोई बोले तेरी परछाई हूँ मै
और उस पल का तो जवाब ही नही जब तू बोलती है
तेरी जिंदगी भर की कमाई हु मैं।।

माँ आज मेरे अंदर जो हिम्मत है तुझसे ही तो मिला मुझे
उठ कर फिर चलने की सिख तूने ही तो दिया मुझे
दुसरो की खुशी मे खुश होना भी तुझसे ही सिखा मैने
माँ तुझे हँसाने पे ऐसा लगता जैसे जग जीता मैने।।

माँ एक तू है और एक तेरी ममता
दोनों का कोई मोल नही।।
2 वर्ष पहले
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