कभी महसूस किया है आपने,
कामकाजी लड़कियों का स्पर्श,
उनके हाथ गर्म नहीं होते,
उसकी शीतलता महसूस करने से,
पिघल सकता है आपका हृदय।
उनके हाथों में नहीं होती,
भाग्य की स्पष्ट रेखाएं,
न ही भविष्य सुरक्षित होता है।
बस होती हैं आड़ी, टेढ़ी, तिरछी रेखाएं,
जो छोटे से जीवन के,
बहुत बड़े संघर्ष को बयां करतीं हैं।
नहीं होता सभी का हाथ गर्म और मुलायम,
और समाज भी सभी के लिए,
इतना सहज और सुंदर नहीं होता।
-पवन कुमार यादव