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सफ़ल शागिर्द हो तो, उनको इत्मीनान होता है

Parul Bhaktani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ख़ुदा से ऊँचा शिक्षक का सदा  स्थान होता है
        
                                                    
                            
चलें हम उनके नक़्श-ए-पा पे तो सम्मान होता है

शरण में जिसकी चेले को मिला है ज्ञान का सागर
हमारी नज़रों में शिक्षक भी तो भगवान होता है

ज़हालत का अंधेरा इल्म से अपने, मिटाते हैं
तभी शिक्षक की मेहनत से वो विद्यावान होता है

भुला सकता नहीं कोई कभी इमदाद शिक्षक की
वो शिक्षक अपने उस शागिर्द का इक मान होता है

मिलें शिक्षक हमें ऐसे जो भर दें ज्ञान का सागर
सभी शागिर्दों का बस इक यही अरमान होता है

हमें क़ाबिल बनाया उन्हीं की मेहनत ने है 'पारुल'
सफ़ल शागिर्द हो तो, उनको इत्मीनान होता है
एक महीने पहले
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