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चार कंधों को बचाना चाहिए

Parul Bhaktani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हाल अपना यूँ छुपाना चाहिए
        
                                                    
                            
दर्द में भी मुस्कराना चाहिए

दिल ही दिल में याद कर कर के तुझे
ज़ब्त अपना आज़माना चाहिए

ख़ुशियाँ आएँ ज़िंदगी में जब कभी
भूल कर ग़म मुस्कराना चाहिए

देना मत आवाज़ तुम मुझको सनम
दर्द अब किसको पुराना चाहिए

'पारुल' अब आगे सफ़र है आख़री
चार कंधों को बचाना चाहिए
2 महीने पहले
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