हाल अपना यूँ छुपाना चाहिए
दर्द में भी मुस्कराना चाहिए
दिल ही दिल में याद कर कर के तुझे
ज़ब्त अपना आज़माना चाहिए
ख़ुशियाँ आएँ ज़िंदगी में जब कभी
भूल कर ग़म मुस्कराना चाहिए
देना मत आवाज़ तुम मुझको सनम
दर्द अब किसको पुराना चाहिए
'पारुल' अब आगे सफ़र है आख़री
चार कंधों को बचाना चाहिए
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