विज्ञापन

ईद आई

Parul Bhaktani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            खुशियों की दौलत, लुटाने ईद आई
        
                                                    
                            
रंजिशें दिल से, मिटाने ईद आई

दिल से नफ़रत दूर करके, सबके दिल में
प्रेम का सूरज, उगाने ईद आई

अब ज़हालत का, ये अंधेरा हटाने
सोई दुनिया को, जगाने ईद आई

ख़ुशबू महकेगी, फ़ज़ाओं में भी हर-सू
प्यार के ही गुल, खिलाने ईद आई

शिकवे सारे भूल, मिल जाएँ गले सब
सब ख़ताओं को, भुलाने ईद आई

अपने दिल से तुम, सभी को माफ़ कर दो
अपनों को दिल से लगाने ईद आई

लौट कर कल वक़्त, शायद फिर न आए
अपने रूठों को, मनाने ईद आई

बाँटने को प्रेम, धरती पर हैं आए
स्वर्ग धरती को, बनाने ईद आई

ज़िंदा मर कर, सबके दिल में हम रहेंगे
बाँट लेना ग़म, सिखाने ईद आई
4 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

RATAN KUMAR

771 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10784 कविताएं

View Profile