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अच्छाई किरदार की

Parul Bhaktani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अच्छाई इक दिन सबको दिख ही जाती है किरदार की
        
                                                    
                            
सच्चाई है दिल में तो बाहर आती है किरदार की

अच्छी बुरी हर शख़्सियत होती है दुनिया में यहाँ
पहचान धीरे-धीरे ही हो पाती है किरदार की

सच की ही राहों पर जो चलता याद सबको रहता है
सारी ही दुनिया फिर सदा गुन गाती है किरदार की

पहचाना जाता इंसाँ कोई अपने शीरीं बोलो से
मीठी ये बोली सबके दिल को भाती है किरदार की

अच्छाई की राहों पे तुम चुपचाप 'पारुल' चल पड़ो
अच्छाई इक दिन बनती सबकी साथी है किरदार की
3 महीने पहले
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Manju Sharma

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