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ममता की मूरत

Parth Sarthi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बहुत प्यारी हैं वो,
        
                                                    
                            
बहुत खूबसूरत हैं वो।
उनका क्या बताएँ हम,
ममता की मूरत हैं वो।।

हम पे न आए कोई मुसीबत,
ऐसी वो तैयार खड़ी हैं।
कैसे कहें हम उनके बारे में ,
हमारे लिए किन–किन परिस्थितियों से लड़ी हैं।।

हमारे ऊपर प्यार बरसातीं वो,
न खाकर भी हमें खिलातीं वो।
उनका हमसे है एक अनमोल नाता ,
जिसका नहीं हमारे पास कोई बही–खाता।।

हम उनके लिए एक प्यारी सी मुस्कान हैं,
जो दूर करती उनकी थकान है।
कभी–कभी तो लगता है,
उनके बिना सूना सारा अरमान है।।

क्या लिखूं मैं उनके बारे में,
लिखते लिखते जिंदगी गुजर जाएगी।
लेकिन उनके बिन जिंदगी ,
कभी समझ न आएगी।।

वो ममता का सागर हैं,
वो प्यार की मूरत हैं।
है लगती मुझे उनकी ,
भगवान से भी बढ़कर सूरत है।।

हूं करता नमन मैं उनको ,
रखके उनका सम्मान।
मेरी अभिलाषा एक ही सबसे ,
सारा ब्रह्मांड करे उनका सम्मान।।

जानते हो वो कौन हैं,
वो माँ हैं,वो माँ हैं, वो माँ हैं।।
-पार्थ सारथी पाण्डेय
एक वर्ष पहले
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