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रिश्ते का मोल भाव कर ही दिया

pankhuri singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कब मांगा था हमने हिसाब
        
                                                    
                            
पर तुमने मोल भाव कर ही दिया
रिश्ते को सामान बना दिया
हर पावन जज्बात की कीमत लगा दी
अब कहां से दे कीमत जज्बातों की???
इतना वजन है इनमें कि
रिश्ते को मजबूती से थामे हुए है
और दुनिया का कोई भी तराजू
इनकी नाप तोल करने में असमर्थ है
पर तुमने रिश्ते को बाजार बना
सभी जज्बातों का गला घोट दिया
आखिर रिश्ते का मोल भाव कर ही दिया
कब मांगा था हमने हिसाब
पर तुमने........................???
 -सरिता सिंह
2 महीने पहले
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