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हर बात कहता है सोच-समझकर

Pankaj Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लड़ो मत, लेकिन हार मत मानो,
        
                                                    
                            
वक़्त एक दिशा में चलता, मानो।

दुश्वारियाँ आएँगी राहों में,
ज़िंदगी इसी का नाम मानो।

आवाज़ सुनो अंदर और बाहर की,
समय से सँभल जाओ, गर मानो।

दिल की तह में सब जमा होता है,
पानी और मिट्टी जैसा रिश्ता मानो।

हर बात कहता है सोच-समझकर,
कभी-कभी AI का भी कहा मानो।
4 घंटे पहले
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