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वृक्ष के पत्तों की तरह

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वृक्ष के पत्तों की तरह हम बिखर गए,
        
                                                    
                            
जब तक वृक्ष पर लगे थे, हरे भरे थे,
डाली से छूटे, गिर गए, बर्बाद हो गए।
जुडे रहें हम सब अपनी संस्कृति से,
ऊंचे उठो पर नींव को मत भूलना,
फिर भविष्य में याद आएगा,
कि हम अलग थलग हो गए।
-चंद्र दत्त शर्मा
एक महीने पहले
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