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सुख भोग और राज भोग

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुख भोग और राज भोग,
        
                                                    
                            
यही तो कुछ लोग चाहते हैं।
सही को गलत बताने वाले,
यही तो वो लोग होते हैं।
अपना मतलब सिद्ध करना,
किसी ना किसी तरह चाहते हैं।
चाहे किसी हद तक जाना पड़े,
अपनी बात मनवाना चाहते हैं।
हालात तो यही बिगाड़ते हैं,
जनता को सताना चाहते हैं।
-चंद्र दत्त शर्मा
4 घंटे पहले
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