सुख भोग और राज भोग,
यही तो कुछ लोग चाहते हैं।
सही को गलत बताने वाले,
यही तो वो लोग होते हैं।
अपना मतलब सिद्ध करना,
किसी ना किसी तरह चाहते हैं।
चाहे किसी हद तक जाना पड़े,
अपनी बात मनवाना चाहते हैं।
हालात तो यही बिगाड़ते हैं,
जनता को सताना चाहते हैं।
-चंद्र दत्त शर्मा