पानी की तरह,
खुद राह बना लेना,
जो राह कठिन हो,
उसे आसान बना देना।
जो विचारों से गंदे हों,
उनको निर्मल बना देना।
जल और फल परोपकारी हैं,
इन जैसा जीवन बना लेना।
-चंद्र दत्त शर्मा