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मन के चलते

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मन में न जाने क्या क्या चलता ?
        
                                                    
                            
मन से कभी कोई नहीं उबरे।
मन की है बिजली से तेजी,
मन के चलते कोई न सुधरे।
-चंद्र दत्त शर्मा
2 घंटे पहले
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