विज्ञापन

कभी कोई बात हो जाए

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कभी कोई बात हो जाए,
        
                                                    
                            
यदि सच के साथ खड़े हों,
तो न जाने कौन दुश्मन बन जाए?
यदि गलत के साथ खड़े हों ,
तो अपना जमीर मर जाए।
सोचना समझना कैसा ?
कौन किसके साथ खड़ा है?
यह तो स्वयं ही पता चल जाए।
-चंद्र दत्त शर्मा
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all