जिसके ना चुभा काँटा,
क्या जाने वो पीर पराई?
जिसने सुख दुख मिलकर बांटे,
उसकी नहीं होती जग हंसाई।
सब सहन शक्ति रखता मानव,
ईश्वर ने देखभालकर दुनिया बनाई।
-चंद्र दत्त शर्मा