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जिनको गुरूर था.....

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिनको गुरूर था...,
        
                                                    
                            
वो हमने टूटते देखे है।
जो हमसफर साथ थे,
वो बिछुड़ते देखे हैं।
अमीरों के नजारे भी,
हमने बिखरते देखे हैं।
अपनों से अपने दूर,
गैरों के सपने देखे हैं।
-चंद्र दत्त शर्मा
एक महीने पहले
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