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जिन्हें हम देखे नहीं सुहाते

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिन्हें हम देखे नहीं सुहाते,
        
                                                    
                            
उनसे भी हम हंसकर बातें कर लेते हैं,
चाहे उनके अंदर कितना भी भरा हो जहर?
हम खुशी खुशी पी लेते हैं।
-चंद्र दत्त शर्मा
3 घंटे पहले
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