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जिसे दूसरों की सुध नहीं आई।

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिन में वाही वाही लूटी,
        
                                                    
                            
रात में आग लगाई।
चंद्र कैसा निर्मम जमाना?
जिसे दूसरों की सुध नहीं आई।
-चंद्र दत्त शर्मा
22 घंटे पहले
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