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आँखें मिलाते हो कभी कभी

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आँखें मिलाते हो कभी कभी,
        
                                                    
                            
प्यार का इजहार कैसे करें ?
जिस उम्मीद से देखते थे हम,
अपने भावों को कैसे भरें ?
जवाब हां मैं होगा या ना में,
यह सोच सोचकर हम डरें।
यदि हम हिम्मत जुटा भी लें,
आगे बढ़ने की पहल कैसे करें?
-चंद्र दत्त शर्मा
2 महीने पहले
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