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शुभकामना

Omprakash Bajaj

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यह मेरा मानना है
        
                                                    
                            
फलती फूलती फलित होगी
इंद्रधनुषी रंगोंसी
यह शुभकामना है ।।
तेरे मद्धम कदमों की आहट
मंद स्वरचित गुनगुनाहट
प्यार के नवप्रभात में
नवकोंपलो की मधुर संभावना है
यह शुभकामना है ।।
दिवाली पर घुमड़ती नवचेतना संग
नववर्ष की उमड़ती पावन तरावट
दिये के लौ की स्वर्णिम जगमगाहट
समय सोपान पर नई उदघोषणा है
यह शुभकामना है ।।
है एक चित्र मानस में , उसी में दर बना है
कपोल कल्पना के चित्र लेकर क्युं फना है
नव निर्माण करना नव शिखरों को छुना
कदमताल करना,असत को छोड़ना है
यह शुभकामना है ।।
भंवर में घिरे को, ढुंढते आसरे को
तुंग शिखरों पर डोलते बादलों को
दिल की आरजू को, ह्रदय की ख्वाहिशों को
मिले मीरा के घुंघरूओं सी सहजता
यह शुभकामना है ।।
सदा शुभकामना है ।।
3 वर्ष पहले
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