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महात्मा गाँधी....

Om Prakash

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मोहनदास करम चन्द गाँधी "महात्मा गाँधी"
        
                                                    
                            
भरत की ही नहीं, विश्व की पहचान है
ब्रिटिश काल में जब भारत में नहीं थी शान्ति
तब उन्होंने हमें एक पाठ पढ़ाया था
सच के मार्ग पर चलना हमें सिखाया था
उन्होंने बताया अपनी बात रखो
पूरी सच्चाई औऱ शान्ति से
नहीं सुलझ पाती कोई समस्या किसी भी क्रांति से
"सत्य और अहिंसा"ही थी उनकी तपस्या
सुलझाई उन्होंने इससे बड़ी से बड़ी समस्या
"2अक्टूबर"भारत को ही नहीं विश्व को ध्यान है
"बापू जी"के बताए मार्ग पर चलैं क्षम
यही"गाँधी-जयंती"पर उनके लिए सम्मान है

- ओम प्रकाश वर्मा,
194,राधिका विहार,
मथुरा-281004.

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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8 वर्ष पहले
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