विज्ञापन

हिंदू -मुस्लिम

NURUL HODA

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हिंदू मुस्लिम गाओगे तो हर तरफ से जाओगे
        
                                                    
                            
रोटी पानी कपड़ा दवाई सब से हाथ गँवाओगे
रेप मर्डर छीना झपटी किस्मत में लिखवाओगे
सड़कों से बच्चों के तुम मृत शरीर उठाओगे
हिंदू मुस्लिम गाओगे तो हर तरफ से जाओगे
देखो अपने आस पास सांस लेते शैतानों को
मां बाप के आंखों से छुप रहे हैवानों को
छोटी मोटी बातों पे लड़ रहे जवानों को
लुटती बेटी की अज़मत कैसे तुम बचाओगे
हिंदू मुस्लिम गाओगे तो हर तरफ से जाओगे
हिंदू-मुस्लिम गाओगे तो आख़िर में पछताओगे
 - नुरूल होदा
11 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajiv Tyagi

423 कविताएं

View Profile

Anil Kumar

4215 कविताएं

View Profile

Sanjay Nirala

42 कविताएं

View Profile