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एक दिन हमारी ज़रूर होगी

Nitin Pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज थोड़ी बे-आरामी होगी, कल इसमें ज़रूर आशियानी होगी,
        
                                                    
                            
आज मेहनत दुखदायी होगी, लेकिन एक दिन निरंतर सुखदायी होगी।
आरामदायी का पर्दा अब बिस्तर से हटाना होगा,
क्योंकि कल देश को उच्चतम कक्ष पर ले जाना होगा!

मन करेगा छोड़ दूँ, अराजकताओं को तोड़ दूँ,
अराजकताओं की बातों को ध्यान कर, इस दुनिया को मैं मोड़ दूँ!रोना नहीं... हौसला बाँधूँ,
दिन हो या रात, अपने मन की कठोरता साकारूँ!

आज मानो हार होगी, लेकिन कल वही नयी आस में एक आग होगी,
जीतेंगे हम सारे सपने, चाहे जितनी भी हों मुश्किल सड़कें!
जीत की फ़तह हमारी होगी—एक दिन नहीं, लेकिन एक दिन जरूर हमारी होगी!
10 घंटे पहले
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