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चाँद की चाँदनी को एक दुपट्टे ने छुपा रखा है

NISHANT SHRIVAS

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चाँद की चाँदनी को एक दुपट्टे ने छुपा रखा है
        
                                                    
                            
यही मुनाफ़िक़ की इन दो आँखों ने हमें बचा रखा है

जो कहना होता है ज़रूरी वो भी इशारों में कह गई वो
यहाँ लोगों ने बेवजह बातों का शोर मचा रखा है

अभी ये बात अपनी सहेली से भी न कही होगी उसने
हमने यहाँ मोहल्ले के एक-एक बच्चे को नचा रखा है

 
2 महीने पहले
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