याद रखना जो झुक सकता है,
वो सारी दुनिया को झुका भी सकता है ।
मंजिल उन्हीं को मिलती है ,
जिनके सपनों में जान होती है,
पंखों से कुछ नहीं होता,
हौसलों से उड़ान होती है ।
थोड़ा डूबगा मगर मैं फिर तैर आऊंगा,
ए जिंदगी तू देख मैं फिर जीत जाऊंगा ।
आए हो निभाने को जब किरदार जमीन पर,
कुछ ऐसा कर चलो कि जमाना मिसाल दे ।
जिसने संघर्ष को अपना साथी बना लिया,
उसने ही इस दुनिया में खुद को काबिल बना लिया ।
भले दुनिया से थोड़ा पीछे रहो,लेकिन तैयारी मजबूत हो,
तो तुम कभी भी आगे निकल सकते हो ।
परिंदों को मंजिल मिलेगी यकीनन यह फैले हुए उनके पर बोलते हैं,
अक्सर वह लोग खामोश रहते हैं जमाने में, जिनके हुनर बोलते हैं ।
हर असंभव कार्य करने का एक ही तरीका है, कड़ी मेहनत ।
जो अपने आप को पड़ सकता है,
वह दुनिया में कुछ भी सीख सकता है ।
किस्मत मौका देती है, लेकिन मेहनत सबको चौंका देती है ।
तीर को भी आगे छोड़ने से पहले,
पीछे खीचना पड़ता है,
उसी तरह अच्छे दिनों के लिए,
बुरे दिनों से लड़ना पड़ता है ।
मंजिले क्या है,रास्ता क्या है,
हौसला हो तो फासला क्या है ।
कोई भी काम तब तक ही असंभव लगता है,
जब तक उसे किया नही जाता ।
जो मेहनत पर भरोसा करते हैं,
वह किस्मत की बात कभी नहीं करते।
कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं,
जीता वही जो डरा नहीं ।
क्या फर्क पड़ता है लोग तुम्हारे बारे में क्या सोचते हैं,
तुम्हें ये निश्चित करना ही होगा,
कि लोग तुम्हारा भाग्य किसी की सोच से लिखेगी,
या तुम अपना भाग्य खुद लिखोगे ।
लाखों ठोकरों के बाद भी संभलता रहूंगा,
गिरकर फिर से उठूँगा और चलता रहूंगा ।