करोगे मोहब्बत तो चेहरे पर उदासी छाएगी,
चेहरे पर उदासी छाएगी तो आपको नींद नहीं आएगी।
नींद नहीं आएगी तो चेहरे पे असर आएगा,
चेहरे पे असर तो आप नजरे चुराओगे।
आप नजरें चुराओगे तो ना जाने कब तक मिलने ना आओगे,
आप मिलने ना आओ ऐसी नौबत ही क्यों आए।
और करोगे मोहब्बत!!!
तो कुछ ऐसी होगी मोहब्बत??
कभी शक होगा मुझ पर तो कभी शिकायत होगी।
जिनसे बात नहीं होती उनसे बातें होगी,
घरवालों से नफरत अपनो से बगावत होगी।
मेरे लिए आपको अपना घर भी छोड़ना होगा,
मेरे साथ चलो, आपको यह शहर भी छोड़ना होगा।
टूट जाएगा जब पापा का प्यार और मां के ने वालों वालों से रिश्ता,
अनजान शहर में यह बुखार भी उतर जाएगा।
भूख लगेगी तो प्यार भी मर जाएगा,
और मेरे ऊपर आएगा आपके मरने का इल्जाम,
फस जाऊंगी मैं दुनिया के चक्कर में!
जवानी बीत जाएगी जेल के चक्कर में,
जवानी बीते जेल के चक्कर में ऐसी नौबत क्यों आए।
इसलिए मैं नहीं चाहती कि मोहब्बत हो जाए!!
इसलिए मैं नहीं चाहती कि मोहब्बत हो जाए!!
करोगे मोहब्बत तो रोज मुलाकात होगी,
वक्त खराब होगा बेकार की बात होगी,
शाम को कुछ लोग ताने देंगे और घर पहुंचते पहुंचते रात होगी।
घरवाले पूछेंगे तो क्या बोलोगे???
कुछ बोलोगे भी या चुप खड़े रह जाओगे।
दिल की बातों को सोचकर रात भर मुस्कुराओगे,
मेरी रखी तस्वीर को सीने से लगाओगे,
परेशान हो जाओगे जब सब चिढ़ाएंगे।
निर्मला का नाम लेकर सब आपको बुलाएंगे।
1 दिन आप इन बातों से परेशान हो जाओगे?
और मुझे पत्थर की तरह ठुकरा कर चले जाओगे।
आप ठुकराएं ऐसा वक्त ही क्यों आए??
इसलिए मैं नहीं चाहती की मोहब्बत हो जाए!!
इसलिए मैं नहीं चाहती कि मोहब्बत हो जाए!!