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सार्थक कर लो अपना जीवन

Nilam Agrawal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्राणी कर ले शिव का वंदन ।
        
                                                    
                            
जीवन महकेगा जस चंदन ।।
सुर सरगम में रुद्र बसाना ।
चरणों में नित ध्यान लगाना ।।

सार्थक कर लो अपना जीवन ।
मत घोलो इसमें बहशीपन ।।
शिव शिव रटना बड़ा सुहाता ।
मानव मन को देख लुभाता ।।

माटी का तन हुआ पुराना ।
जीवन सरगम राग सुनाना ।।
मुख से जब तू राम भजेगा ।
मधु सरगम का तान बजेगा ।।

मन का सरगम जब हो चंचल ।
जैसे धारा बहती अंचल ।।
दिव्यक सरगम गीत सुनाती ।
गाकर प्रीतम रोज बुलाती।।

कल - कल झरना गीत सुनावे ।
सरगम वाला तान लुभावे ।।
जैसे शिव का होता वंदन ।
देखे सब ही देव निकंदन ।।
-नीलम अग्रवाल "रत्न"
2 महीने पहले
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