कविता : बहुत लाड़ प्यार....
बहुत लाड़ प्यार से तो कोई भी
बच्चे कभी पढ़ते नहीं
जिसने मां बाप की मार न खाई हो
वे कभी आगे बढ़ते नहीं
जिसने मां बाप की मार न खाई हो
वे कभी आगे बढ़ते नहीं.......