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कविता : आघात....

Netra Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कविता : आघात....
        
                                                    
                            
सोचा थोड़ी थोड़ी
बरसात होगी
प्रिय तुम हमारे
ही साथ होगी

फिर सुहानी
रात होगी
मीठी मीठी सी
बात होगी

मगर न
बरसात हुई
तुम हमारे न
तो साथ हुई

न तो सुहानी
रात हुई
न तुम से मीठी
बात हुई

हुई तो अंधेरी
रात हुई
अपने साथ यही एक
आघात हुई
अपने साथ यही एक
आघात हुई.......

 
3 महीने पहले
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