भगवान श्री राम की भक्ति
त्रेतायुग में जन्म हुआ चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी को
रामनवमी पर्व है हृदय को पावन व संतुष्ट करने को
चैत्रशुक्लपक्ष की नवमी को पुनर्वसु नक्षत्र व कर्क लग्न,
अयोध्या नगरी, मां कौशल्या के गर्भ से, दशरथ जी के गृह में
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ख्याति से मान हुआ सम्पूर्ण जगत में
रावण व दुष्ट प्राणियों का अत्याचार ख़तम करने को
मृत्यु लोक में अधर्म नष्ट कर धर्म की स्थापना करने को
भगवान विष्णु का सातवें अवतार में जन्म हुआ धरती का कष्ट हरने को
दुष्टों का नाश किए धरती को पावन कर दिए
कहलाते है भगवान श्री विष्णु ये, जो सबके दुख को हर लिए
हिन्दू धर्म का पावन पर्व ये श्रद्धा, आस्था एवम् सभ्यता से परिपूर्ण है
मां दुर्गा की पूजा आराधना से पूरा नव दिवस सम्पूर्ण है।।।
हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।
आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें