विज्ञापन

आजाद हिंदुस्तान कि राजनीति

Neetu Saini

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज़ाद हिन्दुस्तान पर कैसी ये नौबत आई,
        
                                                    
                            
भगत सिंह भी सोचते होंगे, मैंने किन लोगों के लिए जान गँवाई?
मुझे यह हक भी नहीं कि मैं गलत का विरोध कर सकूँ,
तो क्यों शहीद हुए थे सुखदेव, भगत सिंह, राजगुरु?
जहाँ राजनीति के लिए बेटे-बहू को मार दे बाप,
क्या उसी को, आज़ाद भारत की राजनीति कहेंगे आप?
इस देश की राजनीति को देखोगे क्या आप,
जहाँ झूठ बोलने का नहीं कोई माप?
देख यहाँ देश की हालत, मुझे दुःख बड़ा होता है,
सोचता हूँ, जन्म लेते ही क्यों बच्चा रोता है?
पर है पता उसे भी कि धारण करके काया मैं,
पहुँचाऊँगा बड़ा, पड़कर इस जग की मोह-माया में।
इस जग में कुछ गैर, कुछ हैं अपने,
जाग कर क्यों लेता हूँ सपने?
इस जग में पाया तूने क्या नया,
क्यों कल्पना का रचता है यूटोपिया?
इस कविता के सार में बात इतनी है,
कि ये दुनिया ही मतलब की राजनीति है।

— विकास कुमार
 
23 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7573 कविताएं

View Profile