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टूटे अरमां

neetu Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            के अब तेरी राहों से किनारा क्या करे
        
                                                    
                            
इश्क होगा नहीं अब,दोवारा क्या करे

वो गए नहीं,चले गए हमको भूलकर
सफ़र ही छूट गया अब गुज़ारा किया करे

हमें मालूम है वो नहीं आओगे लौटकर
ये मानता ही नहीं दिल अवारा किया करे

हम टूट कर बिखर गए है दर्पण की तरहा
हमें जोड़ने का कष्ट अब दोवारा ना करे

अब कोई मकसद,खास नहीं जीने का
चाँद ही नहीं तो अब,सितारा किया करे
-नीटू मावी
15 घंटे पहले
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