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छूटता सफ़र

neetu Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कमाने के चक्कर में साल छूट गई
        
                                                    
                            
लगता है डाली से डाल छूट गई

ये बढ़ती उम्र और टूटता हौसला
सब्जी के तलाश में दाल छूट गई

क्या खाक कमाया समय गवां कर
ढांचे के की खोज में खाल छूट गई

उम्र की ठोकरें थपेड़ों की बरसात
अब वो मदकारी भी चाल छूट गई

सोचा घर को चले अब साम हो गई
अंतिम सवारी अभी हाल छूट गई
-नीटू मावी
10 घंटे पहले
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