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अधूरा सफ़र

neetu Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            के तेरे बिना हम मर जाएंगे
        
                                                    
                            
और भला हम कहां जाएंगे

एक पल भी गवारा नहीं तेरे बिना
तेरी राहों को छोड़ किधर जाएंगे

एक तू ही था ना कोई सहारा
मैं बीच भँवर ना कोई किनारा

सुबह का पता ना साम की खबर
मैं फिरूं अकेला बेघर बंजारा

है लम्बी दूरी ना मंजिल कोई
उजड़ा चमन ना महफिल कोई

अपनों ने कुछ इस कदर मारा हमें
हम मर भी गए और ना कातिल कोई

नीटू मावी
2 महीने पहले
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