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सब समय का खेल !

Neelam Pathak

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कभी खुशी तो कभी गम
        
                                                    
                            
कभी आशा तो कभी निराशा
कभी सुख तो कभी दुःख
सब समय का खेल।

कभी दिन कभी रात
कभी सर्द तो कभी गर्म
कभी वर्षा तो कभी सूखा
सब समय का खेल है।

कभी तेज़ तो कभी धीरे
कभी जल्दी तो कभी देर
कभी जन्म तो कभी मृत्यु
सब समय का खेल
सब समय का खेल।

-विभूति नारायण पाठक
2 दिन पहले
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