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वक़्त से निभाना

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ज़माने के बाद जमाना पड़ता है
        
                                                    
                            
एक छोड़ दूजे में जाना पड़ता है
हाड़ से मांस जुदा हो नहीं सकता
लम्हेको वक़्तसे निभाना पड़ता है
-एन. आर. कस्वाँ
3 महीने पहले
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