विज्ञापन

सहब ए किरदार

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्या हासिल कर लेंगे यूँ उछालकर दस्तार साहब-ए-किरदार का
        
                                                    
                            
दस्तूर किसी भले इन्सान को सताने वाला ठीक नहीं सरकार का
-एन आर कस्वाँ
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10386 कविताएं

View Profile

Pradeep Mukherjee

1239 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

12525 कविताएं

View Profile