विज्ञापन

रिश्तों के कसाई

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भीतर की भीड़ से भाग कर बाहर एकांत और तन्हाई ढूंढ़ते हैं
        
                                                    
                            
घरके रिश्तोंसे बेवफ़ाई करके बाहरके राब्तों में वफ़ाई ढूंढ़ते हैं
यादों की क़त्ल करके अपनों को भुलाने का ईरादा रखने वाले
अपने ही अन्दर छुपा हुआ अपने ही रिश्तों का कसाई ढूंढ़ते हैं
-एन आर कस्वाँ
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile